रायपुर।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले ही व्हाट्सऐप पर वायरल हो गया। मामले के सामने आने के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा रद्द कर दी। पेपर लीक की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति भी बनाई गई है।
विश्वविद्यालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एईएनटी-221 (कृषि कीट विज्ञान) के तहत ‘फसलों और संग्रहित अनाज में कीट प्रबंधन-1 (रबी फसलें)’ की परीक्षा होनी थी। परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के लीक होने की शिकायत सामने आ गई। इसके बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा को प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया।
अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर BNS की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

व्हाट्सऐप ग्रुप में वायरल हुआ पेपर
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटे पहले डीन कार्यालय को कथित पेपर लीक की शिकायत वाला ईमेल मिला था। हालांकि, ईमेल के साथ कोई प्रश्नपत्र नहीं भेजा गया था। इसके बाद कुछ छात्रों के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक प्रश्नपत्र तेजी से वायरल होने लगा और उसे लीक पेपर बताया गया।
जांच में पता चला कि वायरल प्रश्नपत्र वास्तविक प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल नहीं खाता था, लेकिन उसमें करीब 70 फीसदी सवाल वास्तविक पेपर से मिलते-जुलते थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।
सीएम ने कहा- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले पर कहा कि सरकार के संज्ञान में पूरा मामला आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी है और जांच समिति बनाई गई है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने छात्रों से कहा है कि वे परीक्षा से जुड़ी आगे की जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और अपने संबंधित कॉलेज या डीन कार्यालय से संपर्क में रहें।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस ने भी पेपर लीक के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने इसे गंभीर और चिंताजनक मामला बताया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र का बाहर आना परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है और इससे मेहनत करने वाले हजारों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ता है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए यह पता लगाने की मांग की कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय के बाहर कैसे पहुंचा।
पार्टी ने दोषी पाए जाने वाले अधिकारी, कर्मचारी या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।





