नई दिल्ली।जनगणना 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने दूसरे चरण की प्रश्नावली जारी कर दी है। इस चरण में लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य जाति से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा कोविड-19 वैक्सीन और आधार-पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों से संबंधित सवाल भी शामिल किए गए हैं। 1931 के बाद यह पहली व्यापक जाति गणना होगी। जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना भी होगी।
क्या-क्या जानकारी मांगी जाएगी?
दूसरे चरण की प्रश्नावली में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तारीख, उम्र, वैवाहिक स्थिति, विवाह की उम्र, पति या पत्नी का नाम और राष्ट्रीयता जैसे सवाल होंगे। इसके साथ धर्म, SC/ST या अन्य जाति, माता-पिता की जानकारी, दिव्यांगता, मातृभाषा और दूसरी भाषाओं से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
शिक्षा से जुड़े सवालों में साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, पढ़ाई की स्थिति, सबसे अधिक शिक्षा और पढ़े गए विषय के बारे में जानकारी ली जाएगी।
रोजगार और प्रवास से जुड़े सवाल भी होंगे
लोगों से पिछले एक साल में काम करने या न करने, आर्थिक गतिविधि, व्यवसाय, उद्योग या सेवा के प्रकार और कामगार की श्रेणी के बारे में पूछा जाएगा। नौकरी की तलाश, कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन, जन्म स्थान, पिछला निवास, प्रवास का कारण और कितने समय से वहां रह रहे हैं, जैसी जानकारी भी ली जाएगी।
महिलाओं से जीवित बच्चों की संख्या, अब तक पैदा हुए बच्चों की संख्या और पिछले एक साल में जन्मे बच्चों से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी।
कोविड वैक्सीन और दस्तावेजों की भी जानकारी
प्रश्नावली में कोविड-19 टीकाकरण से जुड़ा सवाल भी शामिल है। इसके साथ बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट नंबर और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध है या नहीं, इसकी जानकारी भी ली जाएगी।
पहले चरण में पूछे गए थे 33 सवाल
जनगणना के पहले चरण के लिए जनवरी में 33 सवाल अधिसूचित किए गए थे। इसमें मकानों की सूची और आवास से जुड़ी जानकारी जुटाई गई थी। इस दौरान परिवार के मुखिया की SC/ST या अन्य श्रेणी से संबंधित जानकारी भी मांगी गई थी।
फरवरी 2027 में होगी जनसंख्या गणना
जनसंख्या गणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। इसमें देश की आबादी से जुड़े जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक, प्रवास और प्रजनन क्षमता समेत कई तरह के आंकड़े जुटाए जाएंगे। इसी चरण में जाति से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
यह प्रश्नावली गृह मंत्रालय के अधीन भारत के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय की ओर से जारी की गई है।






