EXCLUSIVE: NIT रायपुर में रजिस्ट्रार भर्ती पर उठे गंभीर सवाल, 70% आवेदन खारिज; सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर

Madhya Bharat Desk
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रायपुर:राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में रजिस्ट्रार जैसे महत्वपूर्ण और वैधानिक पद के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया विवादों और चर्चाओं के घेरे में आ गई है। सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, इस भर्ती में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अभ्यर्थियों को समान अवसर देने के प्रशासनिक मानकों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रारंभिक जांच में ही कुल 23 में से 16 आवेदनों (लगभग 70%) को अपात्र घोषित कर बाहर कर दिया गया है, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

नियमों में बीच रास्ते संशोधन और आयु सीमा में बदलाव
सूत्रों के अनुसार, NIT रायपुर ने 15 जून 2026 को रजिस्ट्रार के एक पद के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 तय की गई थी। हालांकि, प्रक्रिया के बीच में ही 7 जुलाई 2026 को एक शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी कर पात्रता शर्तों में संशोधन कर दिया गया। इसके तहत आयु सीमा 58 वर्ष तथा प्रतिनियुक्ति की अवधि 5 वर्ष या 62 वर्ष की आयु तक निर्धारित की गई और आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई। भर्ती के बीच में आयु संबंधी शर्तों में बदलाव करने के औचित्य पर अब सवाल उठ रहे हैं।

23 में से सिर्फ 7 पात्र, सेना और वरिष्ठ अधिकारियों के आवेदन निरस्त
3 अगस्त 2026 को जारी जांच परिणाम में मात्र 7 अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से पात्र पाया गया, जबकि 16 आवेदनों को खारिज कर दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि अपात्र पाए गए अभ्यर्थियों में सशस्त्र सेनाओं और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इनके आवेदन खारिज होने के मुख्य कारणों में अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC), सतर्कता प्रमाणपत्र (Vigilance Clearance), APAR रिपोर्ट या अनुभव प्रमाणपत्र की कमी बताई गई है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल प्रक्रियात्मक/दस्तावेजी कमियों के कारण योग्य उम्मीदवारों को खारिज कर दिया गया, जिन्हें नियमों के तहत बाद में पूरा या सत्यापित करने का अवसर दिया जा सकता था।

सवालों के घेरे में समय-सीमा: जल्दबाजी में जांच और साक्षात्कार?
भर्ती प्रक्रिया का घटनाक्रम निष्पक्ष जांच की समय-सीमा पर भी सवाल खड़ा करता है:

• 15 जून 2026: मूल विज्ञापन जारी हुआ।
• 07 जुलाई 2026: शुद्धिपत्र द्वारा पात्रता/आयु शर्तों में बदलाव।
• 31 जुलाई 2026: आवेदन जमा करने की विस्तारित अंतिम तिथि।
• 03 अगस्त 2026: जांच परिणाम जारी, 16 आवेदन निरस्त।
• 11 अगस्त 2026: प्रस्तावित दस्तावेज सत्यापन और व्यक्तिगत साक्षात्कार।

31 जुलाई को आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने के मात्र 3 दिनों के भीतर (3 अगस्त) 23 उच्चस्तरीय आवेदनों की विस्तृत जांच पूरी कर ली गई। इतने कम समय में व्यापक जांच प्रक्रिया और 11 अगस्त को साक्षात्कार आयोजित करने की जल्दबाजी पर प्रशासनिक हलकों में चर्चा गरम है।

NIT रायपुर प्रबंधन से उठ रहे मुख्य सवाल
सूत्रों के अनुसार, संस्थान की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रबंधन से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की अपेक्षा की जा रही है:

  1. बीच भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा 58 वर्ष करने का क्या आधार था?
  2. 16 अपात्र आवेदनों में से कितने अभ्यर्थी मूलभूत योग्यता की कमी के कारण बाहर हुए और कितनों के आवेदन केवल दस्तावेजी कमी की वजह से खारिज किए गए?
  3. क्या अपात्र घोषित अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ई-मेल पर खारिज होने के विशिष्ट कारणों की व्यक्तिगत सूचना दी गई?
  4. मात्र 3 दिनों में 23 आवेदनों का गहन परीक्षण कैसे पूरा किया गया?
  5. केवल 7 पात्र अभ्यर्थी मिलने के बाद क्या प्रतिस्पर्धा का दायरा बढ़ाने के लिए पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं थी?

साक्षात्कार स्थगित कर पुनः समीक्षा की मांग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मुद्दा किसी पर सीधे आरोप लगाने का नहीं, बल्कि प्रक्रिया की पारदर्शिता का है। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में भर्ती का उद्देश्य महज औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करना होना चाहिए।

ऐसे में यह मांग उठ रही है कि 11 अगस्त को प्रस्तावित साक्षात्कार को फिलहाल स्थगित किया जाए। साथ ही, 16 अपात्र आवेदनों की पुनः निष्पक्ष समीक्षा की जाए ताकि जिन मामलों में केवल दस्तावेजी कमियां हैं, उन्हें पूरा करने का समान अवसर मिल सके।

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