महादेव सट्टा एप मामले में ईडी द्वारा विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए महादेव सट्टा एप को “भाजपा का सट्टा प्रकोष्ठ” करार दिया।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में भूपेश बघेल ने दावा किया कि गिरफ्तार विकास गर्ग भाजपा दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ का चेयरमैन और पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग का पुत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि महादेव एप के जरिए 1200 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ, जबकि ईडी 900 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर चुकी है। बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि विकास गर्ग हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की कमाई करता था और सिंडिकेट के भीतर विवाद के बाद ही ईडी ने कार्रवाई की।
कांग्रेस ने गिनाई अपनी कार्रवाई
भूपेश बघेल ने कहा कि महादेव सट्टा एप के खिलाफ सबसे पहली और सबसे बड़ी कार्रवाई उनकी सरकार ने की थी। उनके मुताबिक छत्तीसगढ़ में 72 से अधिक एफआईआर दर्ज की गईं, 400 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, हजारों बैंक खाते फ्रीज किए गए और बड़ी संख्या में लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गूगल से एप हटाने और गृह मंत्रालय से लुकआउट सर्कुलर जारी करने की भी मांग की थी।
केंद्र सरकार से पूछे चार सवाल
भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से चार सवाल पूछते हुए कहा कि—
- महादेव सट्टा एप पर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- नवनीत सहगल और हिरेन जोशी की जांच क्यों नहीं की गई?
- ईडी इन अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची?
- विदेशों में बैठे महादेव एप के ऑपरेटरों को भारत वापस क्यों नहीं लाया गया?
उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार की कार्रवाई से भाजपा असहज हो गई और उसने कांग्रेस पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए।
फिलहाल, ईडी की कार्रवाई और कांग्रेस के आरोपों के बीच महादेव सट्टा एप का मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। भाजपा की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





