रायपुर सांसद और छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) देश के बच्चों और युवाओं को नई सोच, नई तकनीक और नए अवसरों के साथ भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है। उन्होंने कहा कि यह नीति रट्टा प्रणाली से आगे बढ़कर कौशल विकास, नवाचार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा पर केंद्रित है।
बृजमोहन अग्रवाल दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में एसोचेम द्वारा आयोजित 18वीं नेशनल एजुकेशन लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट समिट 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं और शिक्षाविदों को सम्मानित भी किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लेकर आई है। अब विद्यार्थियों को केवल परीक्षा आधारित शिक्षा नहीं, बल्कि रोजगार, स्टार्टअप, इनोवेशन और व्यावहारिक कौशल से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025’ उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सांसद ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश के 140 करोड़ नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। इसके लिए छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों और संसाधनों की कमी से जूझ रही संस्थाओं को अधिक सहयोग देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि सभी बच्चों को समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना ही विकसित भारत शिक्षा अभियान का मूल उद्देश्य होना चाहिए।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। नई शिक्षा नीति इसी सोच के साथ देश के युवाओं को आत्मनिर्भर, नवाचारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है।






