रायपुर।छत्तीसगढ़ में चर्चित आर्थिक गड़बड़ी मामले की जांच के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के सामने सरेंडर कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें पूछताछ के लिए अपने कब्जे में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ पूरी होने के बाद उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
वहीं, रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल से लगातार दूसरे दिन भी EOW दफ्तर में पूछताछ चल रही है। मंगलवार को कई घंटे पूछताछ के बाद बुधवार को भी उन्हें एजेंसी ने बुलाया। अधिकारी उनसे कथित वित्तीय लेनदेन, कंपनियों से जुड़े दस्तावेज और दूसरे अहम मुद्दों पर सवाल कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, EOW काफी समय से रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े कथित आर्थिक गड़बड़ी, निवेश और अलग-अलग कंपनियों के जरिए हुए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इसी कड़ी में वैभव अग्रवाल की भूमिका और उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
रामगोपाल अग्रवाल के सरेंडर को जांच में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब EOW उनसे विस्तार से पूछताछ करेगी। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ खत्म होने के बाद एजेंसी उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सकती है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक EOW की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।
बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगर जांच में नए सबूत मिलते हैं, तो मामले में दूसरे लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।





