कोलकाता।पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक परिवर्तन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सदस्यता में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। भाजपा की हालिया चुनावी सफलता के बाद संगठन को मात्र एक महीने के भीतर करीब 25 लाख ऑनलाइन सदस्यता आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह बढ़ती संख्या राज्य के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में बड़े वैचारिक बदलाव की ओर संकेत कर रही है। जहां पहले लोग आरएसएस से जुड़ने में हिचकिचाते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग संगठन की सदस्यता लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, कुल 25 लाख आवेदनों में से लगभग 9 लाख आवेदन अकेले उत्तर बंगाल के जिलों से आए हैं। इससे स्पष्ट है कि उत्तर बंगाल में संगठन के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है।
वहीं, जमीनी स्तर पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। बैरकपुर जैसे इलाकों में स्थानीय शाखाओं की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। चुनाव से पहले जहां शाखाओं में केवल 4 से 5 लोग पहुंचते थे, अब वहां नियमित रूप से 35 से 40 लोग शामिल हो रहे हैं।
गौरतलब है कि यह उछाल केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। पूरे देश में आरएसएस का विस्तार लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान में संगठन की शाखाओं की संख्या करीब 89,000 तक पहुंच चुकी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यह बढ़ती सदस्यता आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकती है।





