रायपुर।छत्तीसगढ़ के ज्यादातर जिलों में इन दिनों नमी (ह्यूमिडिटी) काफी बढ़ गई है। जगदलपुर में नमी 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे लोगों का पसीना रुकने का नाम नहीं ले रहा। इतनी ज्यादा उमस को विशेषज्ञ शरीर की कूलिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ने के तौर पर देख रहे हैं। हवा में नमी ज्यादा होने से शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी सूख नहीं पाता। यही वजह है कि लगातार चिपचिपाहट और बेचैनी महसूस हो रही है। रायपुर में भी नमी का स्तर 70 प्रतिशत दर्ज किया गया।
शनिवार शाम राजधानी के कुछ इलाकों में टुकड़ों में बारिश हुई। कहीं तेज बारिश हुई तो कुछ दूरी पर सड़कें सूखी रहीं। इस बदले मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 से 4 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इसके असर से अगले 7 दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
एक साथ चार चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, खींच रहे नमी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय एक साथ चार चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं, जो प्रदेश में लगातार नमी खींच रहे हैं। एक द्रोणिका मध्य उत्तरप्रदेश के उत्तरी हिस्सों से शुरू होकर पूर्वी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र और छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक बनी हुई है। वहीं उत्तरी तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम भी सक्रिय है। इसके अलावा समुद्र तल पर एक मौसमी द्रोणिका पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई है।
राजनांदगांव सबसे गर्म, मुंगेली में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान 39 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
मुंगेली में सबसे ज्यादा 5 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा दरभा में 4 सेमी, गुंडरदेही, अर्जुंदा और कोंटा में 3-3 सेमी बारिश हुई। वहीं छुईखदान, Raigarh, अकलतरा, प्रेमनगर, मनोरा, करपावांड, पत्थलगांव, अहिवारा, गुरुर, दुर्ग और दोरनापाल में 2-2 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जगदलपुर, भिलाई, पाटन और बस्तर समेत कई इलाकों में 1-1 सेमी बारिश हुई।
वाटरप्रूफ शेड गिरा, कई कारों को नुकसान
तेज आंधी-तूफान के चलते तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित चोकरधानी रेस्टोरेंट में इवेंट के लिए लगाया गया अस्थाई वाटरप्रूफ शेड अचानक गिर गया। शेड नीचे खड़ी कारों पर जा गिरा, जिससे कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।





