केदार कश्यप ने कृषि वानिकी को दिया बढ़ावा, सागौन को बताया हरित निवेश

Madhya Bharat Desk
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नवा रायपुर।छत्तीसगढ़ में किसानों की आमदनी बढ़ाने और कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए अरण्य भवन, नवा रायपुर में “सागौन प्रबंधन एवं उन्नत सागौन रोपण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। उन्होंने किसानों को सागौन को भविष्य का सुरक्षित और लाभ देने वाला निवेश बताया और ज्यादा से ज्यादा किसानों से पेड़ आधारित खेती अपनाने की अपील की।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सागौन सिर्फ एक पेड़ नहीं है, बल्कि यह किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने समझाते हुए कहा कि जैसे लोग पैसे बैंक में फिक्स डिपॉजिट करते हैं, वैसे ही सागौन लगाना भी लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले समय में परिवार की आमदनी, बच्चों की पढ़ाई और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के साथ-साथ कृषि वानिकी को भी बढ़ावा दे रही है। निजी जमीन पर व्यावसायिक वृक्षारोपण के लिए सरकार की तरफ से विशेष अनुदान योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका किसानों को लाभ लेना चाहिए।

टिश्यू कल्चर तकनीक से बेहतर उत्पादन

केदार कश्यप ने कहा कि अब किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार सागौन के पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं और उनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है। इससे लकड़ी की कीमत भी ज्यादा मिलती है और किसानों की आय बढ़ती है।

उन्होंने यह भी बताया कि सागौन के पौधों के बीच शुरुआती वर्षों में खाली जगह में दूसरी फसलें उगाकर किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। साथ ही समय-समय पर पेड़ों की कटाई-छंटाई (थिनिंग) से भी बीच-बीच में आर्थिक फायदा मिलता है।

किसानों के लिए अनुदान की सुविधा

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार निजी जमीन पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक मदद दे रही है। पांच एकड़ तक वृक्षारोपण करने वाले किसानों को 100 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करने वालों के लिए भी अलग से सहायता की व्यवस्था है।

छत्तीसगढ़ में सागौन उत्पादन की बड़ी संभावना

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी और जलवायु सागौन की खेती के लिए बहुत अनुकूल है। अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती करें तो आने वाले समय में यह उनकी आमदनी का बड़ा जरिया बन सकता है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने अंत में किसानों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण से जुड़ें और “हर खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध” के लक्ष्य को आगे बढ़ाकर छत्तीसगढ़ को हरित और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें।

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