भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से करोड़ों रुपये मूल्य के लोहे की चोरी के मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। इस बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी संजय सिंह से पूछताछ के दौरान कई ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्होंने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में कुछ ऐसे लोगों के बारे में जानकारी दी है, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो पहले भी विभिन्न मामलों में जेल जा चुके हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बीएसपी से लोहा चोरी का पूरा खेल एक संगठित नेटवर्क के जरिए लंबे समय से संचालित किया जा रहा था।
सूत्रों का दावा है कि चोरी, परिवहन और अवैध बिक्री की पूरी श्रृंखला सुनियोजित तरीके से चलाई जा रही थी। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये मूल्य की सामग्री लंबे समय तक गायब होती रही, लेकिन मामला पूरी तरह उजागर नहीं हो सका। अब पुलिस आरोपी द्वारा बताए गए नामों का सत्यापन करने के साथ-साथ उनके आर्थिक लेन-देन, संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है।
मामले की जांच अब केवल बाहरी आरोपियों तक सीमित नहीं है। सूत्रों के मुताबिक बीएसपी के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में लोहा संयंत्र से बाहर कैसे निकलता रहा और क्या इसमें अंदरूनी स्तर पर किसी प्रकार की मदद या लापरवाही शामिल थी। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन कई बिंदुओं पर गहन जांच जारी है।
इसी बीच बीएसपी के एक बड़े निर्माण कार्य से जुड़े लगभग 240 करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार यूनिवर्सल रेल एंड स्ट्रक्चरल मिल से संबंधित निर्माण कार्य का टेंडर करीब 190 करोड़ रुपये में स्वीकृत किया गया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी होने के महीनों बाद भी काम शुरू नहीं हो सका। इस परियोजना से जुड़े ठेकेदार के सलाहकार के रूप में बीएसपी के एक पूर्व महाप्रबंधक (जीएम) का नाम भी चर्चा में है, जिसके बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
पुलिस अब बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, परिवहन दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। करोड़ों रुपये के इस कथित घोटाले ने बीएसपी की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच की आंच आखिर किन-किन बड़े चेहरों तक पहुंचती है।
संजय सिंह के खुलासों ने बढ़ाई कई चेहरों की बेचैनी, लोहा चोरी कांड में अब बड़े नामों के सामने आने की चर्चा तेज






