अयोध्या राम मंदिर को लेकर उठे नए विवाद ने देशभर में बहस छेड़ दी है। करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र राम मंदिर से जुड़ी 1250 सोने, चांदी, हीरे और अष्टधातु की श्रीराम शिलाओं के गायब होने के आरोपों ने लोगों को हैरान कर दिया है।
राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि वर्षों पहले देश-विदेश से श्रद्धालुओं द्वारा भेजी गई बहुमूल्य श्रीराम शिलाएं अब गायब हैं। इस मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम भी आरोपों के केंद्र में है। चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता रहे हैं और लंबे समय से संघ परिवार से जुड़े रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि जब देश का सबसे बड़ा आस्था केंद्र ही विवादों में घिर जाए तो जनता के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों के बीच चर्चा है कि यदि भगवान राम के नाम पर एकत्र की गई शिलाओं के संबंध में ही जवाब नहीं मिल पा रहा है, तो मंदिर निर्माण और उससे जुड़े अन्य मामलों में भी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठेंगे।
हालांकि, यह भी स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल ये आरोप हैं और जांच जारी है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराने का निर्णय जांच एजेंसियों और न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि इस विवाद ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को झकझोर दिया है और लोग सच सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।





