राजधानी रायपुर और नवा रायपुर के बीच स्थित मंदिर हसौद क्षेत्र में चाकू की नोक पर 10 लाख रुपये की लूट की बड़ी वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार शाम ठेकेदार के अकाउंटेंट से बाइक सवार दो बदमाशों ने नगदी से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए। घटना के 48 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मजदूरों के भुगतान के लिए ले जा रहा था रकम
एफआईआर के मुताबिक निर्माण व्यवसायी अतुल अग्रवाल की कंपनी का कार्य नवा रायपुर के सेक्टर-26 में चल रहा है। मजदूरों के भुगतान के लिए कंपनी कर्मचारी विद्यासागर (सागर) डहरिया को 10 लाख रुपये नगद देकर समता कॉलोनी स्थित कार्यालय से नवा रायपुर भेजा गया था। रकम एक काले रंग के बैग में रखी गई थी, जिसे वह अपनी बाइक की टंकी पर रखकर ले जा रहा था।

ओवरब्रिज के पास बदमाशों ने रोका
16 जून की शाम करीब 6:17 बजे रायपुर-सेरीखेड़ी मार्ग पर ओवरब्रिज के पास दो अज्ञात युवक बाइक से उसके पास पहुंचे। पहले उन्होंने बैग छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर पीछे बैठे बदमाश ने चाकू निकालकर जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण कर्मचारी बाइक छोड़कर भाग गया, जिसके बाद आरोपी 10 लाख रुपये से भरा बैग लेकर नवा रायपुर की ओर फरार हो गए।
CCTV में चेहरे और बाइक नंबर, फिर भी गिरफ्तारी नहीं
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें बनाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक फुटेज में बदमाशों के चेहरे और बाइक की जानकारी भी सामने आई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।
लगातार बढ़ रही लूट की घटनाएं
पिछले दो सप्ताह में रायपुर और आसपास के इलाकों में लूट की कई बड़ी वारदातें सामने आई हैं। डीडी नगर में सुपरवाइजर से लाखों रुपये की लूट, अभनपुर में बैंक मित्र से नगदी लूट, टिकरापारा के कमल विहार में बाइक और मोबाइल लूट तथा धरसींवा में ट्रांसपोर्टर पर हमला जैसी घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
नाइट पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस की नाइट पेट्रोलिंग, चेक पोस्ट व्यवस्था और मुखबिर तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुनसान मार्गों पर पर्याप्त पुलिस गश्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।
पुलिस का दावा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब सीसीटीवी फुटेज और बाइक की जानकारी पुलिस के पास है, तो आखिर 48 घंटे बाद भी लुटेरे पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों हैं?





