राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द पर बवाल, चुनाव आयोग पहुंचेगा कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश में आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होने के बाद कांग्रेस ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है। इस बड़े विवाद के बीच, आज यानी बुधवार (10 जून 2026) को दोपहर 12:00 बजे कांग्रेस का एक हाई-प्रोफाइल 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मुलाकात करने जा रहा है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए आधिकारिक पत्र में इस मुलाकात और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की पुष्टि की गई है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे ये 10 दिग्गज नेता:

चुनाव आयोग को सौंपे गए पत्र के अनुसार, कांग्रेस की तरफ से निम्नलिखित नेता (और उनके साथ एक-एक सहयोगी) इस बैठक में हिस्सा लेंगे:

  1. के. सी. वेणुगोपाल (सांसद एवं महासचिव, संगठन)
  2. जयराम रमेश (सांसद एवं महासचिव, संचार)
  3. रणदीप सिंह सुरजेवाला (सांसद)
  4. भूपेश बघेल (विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़)
  5. सचिन पायलट (विधायक एवं वरिष्ठ नेता)
  6. दीपा दासमुंशी (महासचिव, AICC)
  7. विवेक तन्खा (सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता)
  8. मीनाक्षी नटराजन (पूर्व सांसद एवं राज्यसभा प्रत्याशी)
  9. मुहम्मद अली खान (वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट)
  10. ओमर होडा (वरिष्ठ अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट)

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा विवाद मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे द्विवार्षिक चुनाव से जुड़ा है। भाजपा उम्मीदवार महेश केवट की शिकायत के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया। भाजपा का आरोप है कि नटराजन ने अपने हलफनामे (Affidavit) में तेलंगाना में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी छुपाई थी।

कांग्रेस का आरोप— ‘वोट चोरी के बाद अब सीट चोरी कर रही भाजपा’

नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कल निर्वाचन सदन के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया था और धरने पर बैठ गए थे। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा,

“मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करने का एक खुला और गुप्त प्रयास है। हलफनामे में गलती का आरोप पूरी तरह बकवास है। भाजपा अब ‘वोट चोरी’ से आगे बढ़कर ‘सीट चोरी’ पर उतर आई है।”

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वकीलों और वरिष्ठ सांसदों से लैस कांग्रेस का यह प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12 बजे चुनाव आयोग के सामने अपना कानूनी पक्ष रखेगा और नामांकन को दोबारा वैध घोषित करने की मांग करेगा। इसके साथ ही मध्य प्रदेश कांग्रेस विधायक दल भी इस मामले को लेकर स्थानीय मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मिलने की तैयारी में है। अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग के साथ होने वाली इस अहम बैठक के बाद इस कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का क्या नतीजा निकलता है।

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