मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम चरखर में मंगलवार को मनरेगा कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बोल्डर चेक डैम निर्माण के काम में लगी महिलाओं पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गईं।
जानकारी के अनुसार, पंचायत के माध्यम से चल रहे इस काम में करीब 58 मजदूर काम कर रहे थे। अचानक मौसम खराब हो गया, तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। मजदूरों ने सुरक्षित जगह जाने की तैयारी ही की थी कि तभी तेज चमक के साथ बिजली गिर गई और छह महिलाएं इसकी चपेट में आ गईं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम फैल गया।
ग्रामवासी सुभान सिंह ने बताया कि मनरेगा के तहत बड़ी संख्या में महिलाएं काम कर रही थीं। अचानक हुई इस घटना से एक महिला की जान चली गई और पांच महिलाएं घायल हो गईं। वहीं स्थानीय निवासी अमित केवट ने कहा कि घटना की जानकारी के बावजूद काफी देर तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी है।
घायल मजदूर रामकली ने बताया कि मौसम खराब था, बारिश शुरू हो चुकी थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। वहीं मेट विवेक कुमार सिंह ने भी बताया कि आंधी-बारिश के बीच मजदूर काम पर मौजूद थे, तभी बिजली गिर गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर के डॉक्टर डॉ. पवन गुप्ता ने बताया कि कुल छह महिलाओं को अस्पताल लाया गया था, जिनमें एक को मृत घोषित कर दिया गया है। बाकी पांच का इलाज चल रहा है, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब मौसम लगातार खराब हो रहा था, तो मजदूरों को काम पर क्यों रोका गया? क्या जिम्मेदारों ने मौसम की चेतावनी को नजरअंदाज किया? और मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम क्यों नहीं था?
ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाए, घायलों का बेहतर इलाज हो और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।






