छत्तीसगढ़ में भूमि और संसाधन संरक्षण को लेकर किसान संगठनों की बड़ी बैठक, आंदोलन तेज करने का ऐलान

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। ढा. प्यारेलाल सिंह मार्ग, हाण्डीपारा स्थित छत्तीसगढ़ी भवन में आज दोपहर 4 बजे सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज, छसपा, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और छबेस के पदाधिकारियों की बैठक हुई।

बैठक में कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

बैठक में कहा गया कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी, काबिल कास्त, वन, शासकीय, सिंचाई विभाग की भूमि के साथ-साथ खनिज संपदा, लौह अयस्क और रेत जैसे संसाधनों की कथित “लूट” के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।

लालाराम वर्मा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर राज्यपाल को शपथ पत्र के साथ प्रमाणित शिकायत दी जाएगी। इसमें आरोप लगाया गया है कि लगभग 55 लाख एकड़ जमीन बाहरी लोगों, अधिकारियों, नेताओं और उद्योगपतियों के कब्जे और बिक्री में चली गई है। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी की जाएगी।

इसके अलावा बैठक में निर्णय लिया गया कि “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा” बोआई के बाद शुरू की जाएगी। यह यात्रा गांव-गांव और जिलों व ब्लॉकों में निकाली जाएगी और संगठन को मजबूत करने का काम किया जाएगा।

साथ ही तय हुआ कि 6 जून 2026 को अगली बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा। इसी बैठक में जिला और ब्लॉक स्तर पर पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की जाएगी।

बैठक में भिलाई के सुपेला थानेदार पर छत्तीसगढ़ियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच और लाइन अटैच करने की मांग दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल से करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

बैठक में दाऊ जी.पी. चंद्राकर, अनिल दुबे, महेंद्र कौशिक, लालाराम वर्मा, शिवनारायण ताम्रकार, श्यामू राम सेन, अशोक कश्यप, रूप सिंह निषाद, चंद्रप्रकाश साहू, गंगा राम साहू, अंकित साहू, चैतुराम ठाकुर, कलिराम निषाद, भागवत प्रसाद टंडन, निरज, दीनु कौशिक और मूनूबाई पटेल सहित कई लोग मौजूद रहे।

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