जसवंत क्लॉडियस, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता ने छत्तीसगढ़ में महिला कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर संजारी बालोद विधानसभा की विधायक संगीता सिन्हा की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किया हैं।
कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह फैसला पिछले 25 वर्षों से कांग्रेस के लिए समर्पित और सक्रिय महिला कार्यकर्ताओं की पीठ पर लाठी मारने जैसा है।
क्लॉडियस ने कहा कि कुछ नेताओं ने हाईकमान के सामने संगीता सिन्हा को महिलाओं का हितैषी बताकर पेश किया, लेकिन यह जमीनी हकीकत से अलग है। उन्होंने ऐसे नेताओं की आलोचना करते हुए पूछा कि क्या वे यह बता सकते हैं कि 2013 में उनके पति के विधायक बनने से पहले वे राजनीति के बुनियादी ज्ञान से कितनी परिचित थीं?
उन्होंने आगे तीन अहम सवाल उठाए
पहला, क्या उन्होंने कांग्रेस की सक्रिय सदस्यता लेकर उस दौरान किसी आंदोलन में हिस्सा लिया?
दूसरा, क्या वे ब्लॉक या जिला स्तर पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, वरिष्ठ नेताओं की जयंती या पुण्यतिथि जैसे कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होती थीं?
तीसरा, पार्टी गतिविधियों में उनकी वास्तविक भागीदारी कितनी रही?
क्लॉडियस ने यह भी पूछा कि 2004 से 2018 तक, जब प्रदेश में तत्कालीन बीजेपी सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर जनांदोलन चल रहे थे, तब संगीता सिन्हा का उसमें क्या योगदान था?
उन्होंने कहा कि जिन महिला नेताओं ने तन, मन और धन से मेहनत कर 2018 में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने में अहम भूमिका निभाई, उन्हें नजरअंदाज कर इस तरह की नियुक्ति करना बेहद निराशाजनक है। इस फैसले से छत्तीसगढ़ की महिला कार्यकर्ताओं में गहरा असंतोष और निराशा फैल गई है।



