मलाजखंड में स्वच्छता की नई इतिहास बना रहे CMO दिनेश बाघमारे

Madhya Bharat Desk
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मलाजखंड में स्वच्छता की नई कहानी लिखी जा रही है और इस बदलाव के केंद्र में हैं मुख्य नगर पालिका अधिकारी दिनेश बाघमारे। उनकी दूरदर्शी सोच और नवाचार की पहल ने एक साधारण कचरा घर को आज प्रेरणादायक मॉडल में बदल दिया है।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025–26 की तैयारी के बीच CMO दिनेश बाघमारे ने “कबाड़ से जुगाड़” की अवधारणा को न केवल अपनाया, बल्कि उसे व्यवहार में उतारकर दिखाया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र लोरा में पुराने टायर, लोहे के कबाड़ और प्लास्टिक सामग्री को नए रूप में ढालकर एक आकर्षक गार्डन और जागरूकता स्थल तैयार किया गया है।

यह बदलाव सिर्फ दिखावे तक सीमित नहीं है। CMO दिनेश बाघमारे के नेतृत्व में यहां हर दिन शहर से एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पृथक्करण किया जाता है। गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसका उपयोग केंद्र परिसर की हरियाली बढ़ाने में किया जा रहा है। इस खाद की बिक्री से नगर पालिका को अतिरिक्त आय भी मिल रही है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूती मिल रही है।

उनकी पहल का सबसे खास पहलू है 3R रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल को जमीनी स्तर पर लागू करना। अनुपयोगी टायर अब रंगीन गमलों और बैठने की व्यवस्था में बदल चुके हैं, वहीं लोहे और प्लास्टिक के कबाड़ से तैयार की गई कलात्मक आकृतियां लोगों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्वच्छता का संदेश भी दे रही हैं।

CMO दिनेश बाघमारे का मानना है कि स्वच्छता सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही इसे जन आंदोलन बनाया जा सकता है। यही वजह है कि नगर पालिका द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि नागरिक भी इस सोच से जुड़ें।

आज लोरा का यह अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र केवल कचरा निपटान की जगह नहीं रहा, बल्कि यह इस बात का जीवंत उदाहरण बन गया है कि सही नेतृत्व और सोच से किसी भी जगह की तस्वीर बदली जा सकती है। CMO दिनेश बाघमारे की यह पहल न सिर्फ मलाजखंड के लिए, बल्कि अन्य नगर निकायों के लिए भी एक प्रेरणा बनकर उभर रही है।

नीचे फोटो से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मलाजखंड की तस्वीर बदल रही है।

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