महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच देर रात हुई कथित गुप्त मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। खबरों के मुताबिक 23-24 अप्रैल की मध्यरात्रि करीब 2 बजे ठाकरे, मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच अहम बातचीत हुई।
हालांकि इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। खासतौर पर महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले इस तरह की बैठक को संभावित नए समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी रहस्यमयी बयान दिया। उन्होंने न तो मुलाकात की पुष्टि की और न ही खंडन करते हुए कहा, “जानकारी होने पर भी मैं क्यों बताऊँ? अभी बहुत कुछ होना बाकी है।” उनके इस बयान ने अटकलों को और हवा दे दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान परिषद चुनाव से पहले महाविकास अघाड़ी के भीतर रणनीति को लेकर मंथन चल रहा है। यह भी चर्चा है कि गठबंधन की ओर से उद्धव ठाकरे को विधान परिषद भेजने की तैयारी हो सकती है।
गौरतलब है कि 2019 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट 2019 के बाद से ही उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच राजनीतिक रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। शिवसेना-बीजेपी का गठबंधन टूटने के बाद ठाकरे ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी सरकार बनाई थी, जिसने राज्य की राजनीति की दिशा बदल दी।
हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक मंचों पर नरमी भी देखने को मिली थी। इसी महीने एक कार्यक्रम में दोनों ने कविता पाठ कर एक-दूसरे के प्रति सम्मान भी जताया था, जिससे सियासी संकेतों की चर्चा शुरू हो गई थी।
अब इस कथित मिडनाइट मीटिंग ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे दिया है। क्या यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात थी या किसी बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत—इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



