भोपाल/अशोकनगर। नाबालिग लड़कियों से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन और शोषण के सनसनीखेज मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनसे पूरे प्रकरण का दायरा पहले से कहीं अधिक बड़ा नजर आ रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने भोपाल में घटनास्थलों का रीक्रिएशन किया, ताकि हर पहलू को बारीकी से समझा जा सके। इस प्रक्रिया में सामने आई नई कड़ियों ने संकेत दिए हैं कि मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।
मोबाइल से हुआ बड़ा खुलासा: 300+ संदिग्ध वीडियो बरामद
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आरोपी अल्तमश के मोबाइल फोन से हुआ है। पुलिस के अनुसार, डिवाइस से 300 से अधिक वीडियो बरामद किए गए हैं, जिनमें कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री मौजूद है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इन वीडियो का इस्तेमाल नाबालिग लड़कियों को बहलाने-फुसलाने और मानसिक रूप से प्रभावित करने के लिए किया गया होगा। इस खुलासे ने मामले की गंभीरता को कई गुना बढ़ा दिया है।
डिलीट डेटा भी खंगाला जा रहा, सामने आ सकते हैं बड़े नाम
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी ने कई अहम वीडियो और डेटा मिटाने की कोशिश की थी। हालांकि, जब्त मोबाइल को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटे हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि यह डिजिटल साक्ष्य न सिर्फ नेटवर्क की परतें खोलेंगे, बल्कि इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान भी उजागर कर सकते हैं।
अन्य सामान जब्त, नेटवर्क के फैलाव की जांच तेज
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी से जुड़े कई अन्य सामान भी जब्त किए हैं, जिनमें बुर्का और अन्य वस्तुएं शामिल हैं। इनका इस्तेमाल किस मकसद से किया जा रहा था, यह भी जांच के दायरे में है। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन भोपाल से किया जा रहा था, जिसके तार अन्य क्षेत्रों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि इस गंभीर मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।



