रायपुर।भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहले छत्तीसगढ़ आगमन ने प्रदेश भाजपा में नई हलचल पैदा कर दी है। रविवार को रायपुर पहुंची स्मृति ईरानी के साथ प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी शामिल हुए। उनके आगमन के साथ ही प्रदेश कार्यालय परिसर में संगठनात्मक चर्चा और आगामी रणनीति पर मंथन शुरू हो गया।
बैठक शुरू होने से पहले स्मृति ईरानी ने प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रदेश कार्यालय परिसर में करीब 10 मिनट तक चर्चा की। यह छोटी लेकिन महत्वपूर्ण चर्चा इसलिए खास रही, क्योंकि इसके बाद ही दिनभर की बड़ी बैठकों का दौर शुरू होना था।
तीनों प्रभारी अलग-अलग कर रहे थे चर्चा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, तीनों प्रभारी अलग-अलग स्तर पर चर्चा करने लगे तो प्रदेश पदाधिकारियों में उत्सुकता और धड़कनें बढ़ गईं। ऐसी स्थिति में पदाधिकारियों की धुकधुकी होना लाजिमी थी, क्योंकि प्रभारियों की बातचीत का सीधा संबंध संगठन की मौजूदा तैयारी, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी कार्ययोजना से जोड़ा जा रहा है।
माना जा रहा है कि इस चर्चा में संगठन की जमीनी स्थिति, बूथ स्तर की तैयारी और पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विचार किया गया होगा। हालांकि, इस बातचीत की आंतरिक बातें सार्वजनिक नहीं हुईं, लेकिन इसके बाद प्रदेश भाजपा में चर्चा का दौर तेज हो गया।
बृजमोहन अग्रवाल ने किया स्वागत
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ की प्रभारी श्रीमती स्मृति ईरानी के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने उनका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की नई प्रभारी के रूप में स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू का आगमन संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।
बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से अपेक्षा की कि वे प्रभारियों के मार्गदर्शन में अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और संगठन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अनुशासन और समीक्षा पर फोकस
प्रदेश कार्यालय परिसर में स्मृति ईरानी ने कार्यकर्ताओं को अनुशासन की हिदायत भी दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैठकों में केवल आमंत्रित पदाधिकारी ही उपस्थित रहें और बिना कार्य या बुलावे के कार्यालय न आएं। यह संदेश संगठन में अनुशासन और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
दो दिवसीय प्रवास के दौरान स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों तथा कोर ग्रुप से बैठकें करेंगे। इन बैठकों में सरकार के कामकाज, संगठन के जमीनी फीडबैक, बूथ स्तर की तैयारी और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
स्मृति ईरानी के इस पहले दौरे को छत्तीसगढ़ भाजपा के ‘मिशन 2028-29’ की जमीन तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रदेश भाजपा में अब यही चर्चा है कि प्रभारियों की समीक्षा के बाद संगठन में बड़े बदलाव या नई रणनीति सामने आ सकती है।






