रायपुर।वन्यजीव सप्ताह 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से मोहरेंगा नेचर सफारी, खरोरा में एक दिवसीय प्रकृति भ्रमण और वन्यजीव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन और कलिंगा विश्वविद्यालय के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 129 विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति और वन्यजीवों के करीब लाना और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान छात्रों को जंगल और जैव विविधता को करीब से समझने का मौका मिला।


बायोब्लिट्ज रहा खास आकर्षण
कार्यक्रम में बायोब्लिट्ज विद्यार्थियों के लिए खास आकर्षण रहा। प्रकृति भ्रमण के दौरान छात्रों ने पेड़-पौधों और अलग-अलग जीव-जंतुओं की तस्वीरें लीं और उनके बारे में जानकारी दर्ज की। उन्हें यह भी बताया गया कि वन्यजीवों को बिना परेशान किए उनके प्राकृतिक आवास में जिम्मेदारी के साथ उनका अवलोकन कैसे किया जाता है।
वन अधिकारियों से की बातचीत
विद्यार्थियों ने वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर स्थानीय वन्यजीवों, उनके रहन-सहन और जंगलों के संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे। अधिकारियों ने छात्रों को वन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी जरूरी जानकारी दी।


सीड बॉल का किया बिखराव
पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और जंगलों में पौधों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यार्थियों ने सीड बॉल यानी बीज गोलों का भी बिखराव किया। इसके जरिए उन्हें प्राकृतिक तरीके से हरियाली बढ़ाने की प्रक्रिया से परिचित कराया गया।
छात्रों को किट और प्रमाण पत्र दिए
कार्यक्रम में शामिल सभी विद्यार्थियों को कपड़े का बैग, टोपी, पानी की बोतल, नोटपैड, पेन और टी-शर्ट वाली छात्र किट दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।


जागरूकता रैली के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन मोहरेंगा नेचर सफारी से पास के गांव तक निकाली गई वन्यजीव संरक्षण जागरूकता रैली के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां लेकर ग्रामीणों को जंगल, वन्यजीव और प्रकृति बचाने का संदेश दिया। साथ ही जैव विविधता के संरक्षण में आम लोगों की भागीदारी की जरूरत पर भी जोर दिया गया।






