रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) को आज 8 साल पूरे हो गए हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देश में 48.5 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं और 13 करोड़ से ज्यादा लोगों ने योजना के तहत इलाज कराया है। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना के जरिए लाखों परिवारों को अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज का कैशलेस लाभ मिल चुका है जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में स्पष्ट बदलाव दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में आयुष्मान योजना ने खास राहत दी है। जिलों में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में पात्र लाभार्थी बिना पैसे दिए ऑपरेशन, डायलिसिस, कैंसर उपचार और हृदय रोगों का इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक योजना के बाद अस्पताल में देर से पहुंचने और इलाज छूटने के मामले भी घटे हैं।
योजना का 8 साल पूरा होने पर डॉ सत्येंद्र पांडेय (भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर संयोजक) ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 5,767 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (पूर्ववर्ती आयुष्मान भारत – स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र) कार्यरत हैं। इसके अलावा, विशेष तौर पर आयुष (आयुर्वेद) पद्धति के तहत संवर्धित और संचालित किए जा रहे आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) की संख्या राज्य में 400 है। छत्तीसगढ़ में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से हर साल लगभग सवा करोड़ (1.25 करोड़) मरीजों को ओपीडी (OPD) और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
वहीं कांग्रेस के डॉ राकेश गुप्ता का कहना है कि आयुष्मान भारत के तहत मिलने वाला कार्ड का पैकेज बढ़ाने की जरूरत है। और इसकी खामियां और आवश्यकताओं को देखते हुए सरकार को समय समय पर बदलाव करना चाहिए।
योजना की पहुंच और बढ़ाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। लक्ष्य रखा गया है कि ज्यादा से ज्यादा पात्र परिवार आयुष्मान कार्ड बनवाएं और योजना का पूरा लाभ उठाएं।







