बेमेतरा।छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित पावन सलधा धाम में चातुर्मास अनुष्ठान के दौरान आध्यात्मिक वातावरण के बीच योग और वैदिक शिक्षा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शिव गंगा के पवित्र तट पर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के मार्गदर्शन में बटुक प्रतिदिन योग का अभ्यास कर रहे हैं।
चातुर्मास प्रवास के दौरान शंकराचार्य महाराज स्वयं बटुकों को योग की बारीकियां सिखा रहे हैं। योगाभ्यास के साथ उन्हें वेद, शास्त्र और सनातन संस्कृति की शिक्षा भी दी जा रही है, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास एक साथ हो रहा है।


सलधा धाम में बहने वाली शिव गंगा, जिसे छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदी के रूप में भी जाना जाता है, इन दिनों वैदिक मंत्रों और योग साधना से गुंजायमान है। प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण में योग सीख रहे बटुकों का यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
चातुर्मास के दौरान सलधा धाम में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, सत्संग, पूजा-अर्चना और वैदिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर शंकराचार्य महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। शिव गंगा तट पर योग, वेद और सनातन परंपरा का यह संगम क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहा है।







