भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-7 (वार्ड-67) में एक बार फिर पीलिया के नए मामले सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। इलाके की स्ट्रीट नंबर 41, 42 और 43 में तीन लोगों के पीलिया से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। नए मामलों के सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।
जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि फिलहाल तीनों मरीजों की हालत स्थिर और सामान्य है। इसके बावजूद एहतियात बरतते हुए प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल मोबाइल यूनिट (एमएमयू) तैनात करने और स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीमारी की वजह जानने के लिए क्षेत्र से पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच और सर्वे का काम कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में दूषित पेयजल और पीलिया की समस्या कोई नई बात नहीं है। इससे पहले अप्रैल महीने में भी स्ट्रीट नंबर 37-ए में सिर्फ पांच दिनों के भीतर 37 लोग पीलिया की चपेट में आ गए थे। इसके अलावा पहले भी करीब 20 से 22 बच्चे इस बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं। इनमें एक बच्चे की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि उसे दो दिनों तक आईसीयू में भर्ती रखना पड़ा था।
रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग करने के बावजूद बीएसपी प्रबंधन ने पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों को नहीं बदला। लोगों का कहना है कि इन्हीं खराब पाइपों के जरिए दूषित पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे बीमारी लगातार एक गली से दूसरी गली तक फैल रही है।
प्रशासन की शुरुआती जांच में भी गंदे पानी की आपूर्ति को संक्रमण की मुख्य वजह माना गया है। अधिकारियों को क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डॉक्टरों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल पानी को उबालकर और छानकर ही इस्तेमाल करें, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका कम हो सके।
इधर वार्ड के लोगों ने बीएसपी प्रबंधन और प्रशासन से खराब पाइपलाइनों को जल्द बदलने, शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था करने और नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की मांग तेज कर दी है।







