
सुशासन तिहार के मंच पर एक बार फिर अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अलग-अलग शिविरों में जनता की शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। समोदा में लंबित राजस्व मामलों और कथित रिश्वतखोरी की शिकायतों पर नायब तहसीलदार को मंच पर बुलाकर जवाब मांगा गया, वहीं गोबरा नवापारा में एक रेंजर की गैरहाजिरी पर सस्पेंड करने के निर्देश दिए गए।
आरंग विधानसभा के समोदा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में ग्रामीणों ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों के लंबे समय से लंबित रहने की शिकायत की। कई लोगों ने काम के बदले पैसे मांगने के आरोप भी लगाए। शिकायतों के बाद सांसद ने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को मंच पर बुलाकर पूछा कि आखिर राजस्व मामलों का समय पर निराकरण क्यों नहीं हो रहा है। इस दौरान हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ।

इसी तरह गोबरा नवापारा में आयोजित शिविर में कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल से जुड़े मामले में वन विभाग के रेंजर की गैरमौजूदगी सामने आई। इस पर सांसद ने नाराजगी जताते हुए शोकॉज नोटिस जारी करने और सस्पेंशन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इससे पहले अश्विनी नगर में अवैध शराब बिक्री की शिकायत पर भी सांसद ने पुलिस और आबकारी अधिकारियों को मंच से फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि अवैध कारोबार करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों से साफ है कि सुशासन तिहार अब केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का माध्यम भी बनता जा रहा है।







