छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी की खबर है। रेलवे ने 7 जून से 19 जून तक अलग-अलग तारीखों में 77 ट्रेनों को प्रभावित करने का फैसला लिया है। इनमें 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें रद्द रहेंगी। इसके अलावा कई ट्रेनों के रूट बदले जाएंगे, कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में ही खत्म किया जाएगा और कई गाड़ियां देरी से चलेंगी।
रेलवे के इस फैसले का असर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। समर सीजन में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि बिलासपुर रेल मंडल के चांपा स्टेशन में चौथी रेल लाइन जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसी वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। यह रूट देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है, जो उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ता है।
यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने हसदेव एक्सप्रेस को अस्थायी रूप से पैसेंजर ट्रेन बनाकर चलाने का फैसला किया है। 8 जून से 19 जून तक 18250/18249 और 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस केवल कोरबा से बिलासपुर के बीच पैसेंजर ट्रेन के रूप में चलेगी।
रूट बदलकर चलने वाली ट्रेनों में हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस, पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस, सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस, एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस और एलटीटी-भुवनेश्वर एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेनें रायपुर, टिटलागढ़ और झारसुगुड़ा होकर चलेंगी।
कुछ ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त किया जाएगा। गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर केवल बिलासपुर तक चलेगी। वहीं कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर से शुरू होगी। विशाखापटनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस भी बिलासपुर तक ही संचालित होगी। इसके अलावा रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस और निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस का संचालन भी आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।
कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 3 घंटे देरी से चलेगी। सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस ढाई घंटे लेट रवाना होगी। गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस, रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस और कोरबा-इतवारी शिवनाथ एक्सप्रेस भी देरी से चलाई जाएंगी।
रेलवे के मुताबिक बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर लंबी चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 180 किलोमीटर से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। चांपा स्टेशन को इस नई लाइन से जोड़ने का काम 7 जून से 19 जून के बीच पूरा किया जाएगा।
रेल प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही तेज और सुगम होगी। नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता खुलेगा और यात्रियों को भविष्य में बेहतर सुविधा मिल सकेगी।



