रायपुर में बन रहा बहुचर्चित स्काईवॉक प्रोजेक्ट तय समय निकल जाने के बाद भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
यह निर्माण कार्य 21 मई 2025 को दोबारा शुरू किया गया था और इसे 20 अप्रैल 2026 तक पूरा करना था, लेकिन अब तक काम अधूरा ही है।
फिलहाल स्काईवॉक में केवल सीढ़ियां लगाने का काम चल रहा है, जबकि लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, स्काईवॉक इस्तेमाल करने वाले लोगों को करीब 90 से 100 सीढ़ियां ऊपर-नीचे करनी पड़ेंगी, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
इसको लेकर आम लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि अधूरे और असुविधाजनक प्रोजेक्ट को हटाना ही बेहतर होगा।
स्काईवॉक में कुल 12 एंट्री और एग्जिट पॉइंट बनाए जा रहे हैं। इनमें रेरा ऑफिस, कलेक्ट्रेट, टाउन हॉल, घड़ी चौक, तहसील कार्यालय, जिला न्यायालय और सेंट्रल जेल के सामने सीढ़ियां लग चुकी हैं।
वहीं डीकेएस अस्पताल, शहीद स्मारक मल्टीलेवल पार्किंग, पुराने जेल मुख्यालय और अंबेडकर अस्पताल के पास अभी भी काम बाकी है।
PWD के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी के अनुसार, प्रोजेक्ट में 8 एस्केलेटर और 3 लिफ्ट लगाने की योजना है, लेकिन अब तक उनकी लोकेशन फाइनल नहीं हो पाई है।



