जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़), 9 मई 2026: नई धर्मांतरण विरोधी विधेयक लागू होने के बावजूद स्कूलों में धार्मिक भड़काऊ खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा। बलौदा के पीएमश्री कन्या प्राथमिक शाला में प्रधान पाठक लक्ष्मी देवी भारद्वाज ने स्कूली छात्राओं को हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काकर ईसाई रीति-रिवाजों से धर्मांतरित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया। ऊपर से थाने में भी आपराधिक मामला दर्ज हो गया है।
ग्रामीणों ने जनसमस्या शिविर में खुलासा किया कि लक्ष्मी देवी स्कूल की प्रार्थना सभा में ‘जन गण मन’ की जगह धार्मिक गीत गवाती थीं। साथ ही, छात्राओं को हिंदू देवताओं के प्रति नफरत फैलाकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाती रहीं।
आरोपों में वित्तीय अनियमितता और फर्जी बिल-वाउचर भी शामिल हैं। DEO ने कारण बताओ नोटिस जारी किया, लेकिन जवाब संतोषजनक न होने पर इसे ‘गंभीर कदाचार’ मानकर निलंबन ठोंक दिया। उनका मुख्यालय अब विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौदा के पास है, जहां निलंबनकाल में जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
थाने में भड़काऊ हरकत पर सख्ती: धर्मांतरण और लोक शांति भंग के खतरे से बलौदा थाने में ईसต์गांठा क्रमांक 261/2025 के तहत धारा 126, 135(3) बीएनएसएस केस दर्ज। निलंबन के साथ पुलिस कार्रवाई से लक्ष्मी देवी की मुश्किलें और गंभीर हो गई हैं। ग्रामीणों ने इसे स्कूलों में साजिश का सबूत बताया है।
शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी जांच तेज कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। क्या यह नई धर्मांतरण विधेयक की नाकामी का संकेत है?



