नया वित्त वर्ष शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन बाकी हैं, और इसके साथ ही आम लोगों की जेब और टैक्स प्लानिंग पर असर डालने वाले कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने नए आयकर कानून को अधिसूचित कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होगा।
यह नया कानून करीब 64 साल पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। सरकार का मकसद टैक्स से जुड़े जटिल नियमों और भाषा को आसान बनाना है, ताकि आम करदाताओं को समझने में दिक्कत न हो।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब “असेसमेंट ईयर” जैसे तकनीकी शब्द को खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब सीधे और सरल शब्द “टैक्स ईयर” इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे टैक्स भरने की प्रक्रिया और स्पष्ट हो सके।
इसके अलावा, नए टैक्स सिस्टम के तहत राहत की बड़ी खबर भी है। अब 12 लाख रुपए तक की सालाना आय को टैक्स छूट के दायरे में लाया गया है। यानी अगर आपकी कमाई इस सीमा के भीतर है, तो सेक्शन 87A के तहत आपको पूरा टैक्स माफ मिल सकता है।
दस्तावेजों में भी बदलाव देखने को मिलेगा। अब तक इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 16 और फॉर्म 16A को हटाकर उनकी जगह फॉर्म 130 और फॉर्म 131 लागू किए जाएंगे। इसके साथ ही, इन फॉर्म्स को जारी करने की समयसीमा में भी बदलाव संभव है, ताकि टैक्स फाइलिंग ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित हो सके।
एक और अहम बदलाव पैन कार्ड से जुड़ा है। अब पैन के लिए आवेदन करते समय केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में मान्य नहीं माना जाएगा। इसके लिए आपको 10वीं का सर्टिफिकेट या पासपोर्ट जैसे अन्य दस्तावेज भी देने होंगे।
कुल मिलाकर, नया इनकम टैक्स एक्ट आम लोगों के लिए सिस्टम को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



