छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत किए जा रहे कार्यों की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जगह सड़क निर्माण का साइन बोर्ड लगाया गया है, वहां जमीन पर सड़क का कोई नामोनिशान नहीं है। यानी कागजों में सड़क बन गई, लेकिन हकीकत में लोग अब भी कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बोर्ड में जिस गांव में सड़क निर्माण का दावा किया गया है, वहां वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। इससे यह संदेह गहरा रहा है कि कहीं किसी दूसरी जगह का काम दिखाकर फर्जी तरीके से भुगतान तो नहीं निकाल लिया गया।
मामले को लेकर जब पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता से बातचीत की गई, तो उन्होंने दावा किया कि सड़क का निर्माण उसी गांव में हुआ है, जहां साइन बोर्ड लगाया गया है।
हालांकि, ग्रामीणों के आरोप और अधिकारियों के दावों के बीच साफ विरोधाभास नजर आ रहा है, जिससे पूरा मामला संदिग्ध बन गया है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा और सच्चाई सामने लाएगा, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।



