केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार आम बजट पेश किए जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। बजट में राजकोषीय अनुशासन और विकास को गति देने की बात कही गई, लेकिन बाजार ने इसे सिरे से नकार दिया।
रविवार, 1 फरवरी को इंट्राडे कारोबार के दौरान शेयर बाजार अचानक तेज गिरावट के भंवर में फंस गया। खासतौर पर स्टेट टैक्स बढ़ाने की घोषणा ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, जिसका सीधा असर बाजार पर दिखा।
कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई सेंसेक्स करीब 2,400 अंकों तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 50 में लगभग 749 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इस भारी बिकवाली के चलते शेयर बाजार में निवेश करने वालों को करीब 16 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
दोपहर 1 बजे तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो
- सेंसेक्स 43.33% की गिरावट के साथ 82,523.04 अंक पर कारोबार करता दिखा
- वहीं निफ्टी 49.60% फिसलकर 25,369.30 अंक पर पहुंच गया
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में कर से जुड़े प्रावधान और निवेशकों के लिए किसी बड़े राहत पैकेज की कमी ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया, जिससे अचानक मुनाफावसूली और घबराहट में बिकवाली बढ़ गई।



