अनिल दुबे के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथयात्रा, 26 जनवरी से किसानों के शोषण के खिलाफ आंदोलन

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज संयोजक मंडल के संचालक श्री अनिल दुबे के नेतृत्व में किसानों और छत्तीसगढ़ी समाज को एक मंच पर संगठित कर शोषण के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ा जा रहा है। इसी क्रम में 26 जनवरी 2026 से “छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथयात्रा” का शुभारंभ राजधानी रायपुर के महामाया मंदिर से किया जाएगा। दोपहर 12:30 बजे महाआरती के साथ रथयात्रा की शुरुआत होगी, जिसमें प्रदेश के लगभग 31 सामाजिक संगठनों की भागीदारी रहेगी।

यह रथयात्रा 18 जिलों और 100 विकासखंडों का भ्रमण करते हुए 25 मार्च 2026 को महासमुंद जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में समाप्त होगी। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा पर दर्ज एफआईआर और जब्ती की कार्रवाई को लेकर जिलाधीश महासमुंद से जवाब मांगा जाएगा।

अवैध कब्जों पर कार्रवाई नहीं, किसानों पर दमन का आरोप

प्रदेश अध्यक्ष श्री अनिल दुबे ने आरोप लगाया कि 28 नवंबर 2025 को महासमुंद जिले के तुमगांव क्षेत्र में करणी कृपा पावर प्रा.लि. द्वारा किए गए अवैध भूमि कब्जे के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों और छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई विष्णुदेव सरकार के निर्देश पर की गई, जबकि शासकीय, वन, आदिवासी, सिंचाई विभाग, नेशनल हाईवे और किसानों की भूमि पर अवैध कब्जे करने वाली कंपनी के खिलाफ आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश क्रमांक 13/2023 के बावजूद जिलाधीश महासमुंद द्वारा अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया गया। इसी मामले में उच्च न्यायालय ने जिलाधीश महासमुंद के विरुद्ध अवमानना प्रकरण क्रमांक 294/2024 दर्ज किया है।

छत्तीसगढ़ी महतारी की गिरफ्तारी से फैला आक्रोश

श्री अनिल दुबे ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को हटाकर तुमगांव थाने में बंदी बनाया गया। इसके विरोध में किसानों, महिला किसानों और माताओं-बहनों ने थाने का घेराव किया। कई सत्याग्रही किसानों पर फर्जी एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

बाद में श्री अनिल दुबे द्वारा सीजीएम न्यायालय महासमुंद में प्रस्तुत आवेदन पर 10 हजार रुपये के मुचलके पर छत्तीसगढ़ी महतारी की प्रतिमा को सुपुर्द करने का आदेश दिया गया। रिहाई के बाद गंगा जल से शुद्धिकरण, महाआरती और शोभायात्रा के साथ प्रतिमा को खैरझिटी गांव स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में विराजित किया गया।

मुख्यमंत्री निवास और विधानसभा तक पहुंचेगी यात्रा

प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने बताया कि अस्मिता रथयात्रा नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास और छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंचेगी, जहां हजारों छत्तीसगढ़िया किसान और समाजजन शामिल होंगे। उनका कहना है कि प्रदेश की खनिज संपदा, नदियों, नालों, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि भूमि पर उद्योगों के कब्जे से पर्यावरण, मानव जीवन और पशुधन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

51 से अधिक समाजों का समर्थन

सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले अब तक 51 से अधिक समाजों ने लिखित समर्थन दिया है। 23 जनवरी 2026 से विधिवत सदस्यता अभियान शुरू किया गया है। संगठन की नियमित बैठकों, कार्यालय व्यवस्था और जिम्मेदारियों का भी गठन कर लिया गया है।

श्री अनिल दुबे ने स्पष्ट कहा कि “छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह संघर्ष किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा।”

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