छत्तीसगढ़ के भिलाई में चल रही पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज की हनुमंत कथा के दौरान प्रदेश की राजनीति में तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल रही है। कथा के चौथे दिन दुर्ग जिले में पहुंचे दोनों उपमुख्यमंत्री—अरुण साव और विजय शर्मा—ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधे निशाना साधा।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर सनातन विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश बघेल उसी पार्टी के नेता हैं, जिसने भगवान राम को काल्पनिक बताया था। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के समय कांग्रेस ने लगातार अड़चनें पैदा कीं। अब जब धर्माचार्य धार्मिक कथा के लिए छत्तीसगढ़ आए हैं, तो कांग्रेस नेताओं का सनातन विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है।
अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के भीतर सनातन धर्म के प्रति नकारात्मक सोच बार-बार उजागर होती है। जब भी धर्म और आस्था से जुड़े आयोजन होते हैं, तब कांग्रेस नेताओं की असहिष्णुता स्पष्ट दिखाई देती है।
विजय शर्मा का बयान
उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर कुछ लोग अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महाराज का राज्य में पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ स्वागत किया जाएगा।
विजय शर्मा ने कहा, “हम महाराज को कंधों और पलकों पर बैठाकर लाएंगे। उनका छत्तीसगढ़ आना बार-बार होगा और उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों को मिलता रहेगा।”
भूपेश बघेल के बयान पर बढ़ा विरोध
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और हिंदू संगठनों में नाराज़गी देखी जा रही है, जिसमें उन्होंने पं. प्रदीप मिश्रा और पं. धीरेंद्र शास्त्री पर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाया था। भूपेश बघेल ने कहा था कि ये कथावाचक न तो शिव की बात करते हैं और न ही हनुमान जी की।
इस बयान के जवाब में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन्हें यह सब अंधविश्वास लगता है, वे देश छोड़ सकते हैं। इसके बाद से सियासी बयानबाज़ी लगातार तेज होती जा रही है।
आज हनुमंत कथा का समापन
भिलाई में 25 से 29 दिसंबर तक आयोजित हनुमंत कथा का सोमवार को अंतिम दिन है। समापन के अवसर पर ‘घर वापसी’ कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।







