बिहार में जमीन के कागजों पर अब भूमिहार नहीं, भूमिहार ब्राह्मण होगा दर्ज

Madhya Bharat Desk
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बिहार में भूमिहार और भूमिहार ब्राह्मण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय भले ही राज्य सरकार को लेना हो, लेकिन इससे पहले ही राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बड़ा एलान कर दिया है।

सोमवार को मुजफ्फरपुर में आयोजित भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के सभी जमीन से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में अब ‘भूमिहार’ की जगह ‘भूमिहार ब्राह्मण’ ही लिखा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां-जहां केवल भूमिहार दर्ज है, वहां जल्द से जल्द सुधार कर इसे भूमिहार ब्राह्मण किया जाए।

यह मामला उस समय सामने आया जब जनता दरबार में पहुंचे एक व्यक्ति ने शिकायत की कि उसके खतियान में पहले ‘भूमिहार ब्राह्मण’ लिखा था, जिसे बाद में बदलकर सिर्फ ‘भूमिहार’ कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में अधिकांश लोग ब्राह्मण भूमिहार समुदाय से हैं, तो दस्तावेजों में पूरा नाम क्यों नहीं लिखा जा रहा।

शिकायत सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खतियान में जो पहले दर्ज था, वही व्यवस्था फिर से लागू की जाएगी और आगे से सभी जमीन संबंधित अभिलेखों में ‘भूमिहार ब्राह्मण’ ही लिखा जाएगा।

डिप्टी सीएम ने इस निर्देश के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी देते हुए सभी अंचल अधिकारियों और भूमि सुधार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

गौरतलब है कि बिहार में जाति आधारित जनगणना के बाद से कई जातियों के नाम और उप-जातियों को लेकर विवाद बढ़ा है। भूमिहार समाज ने भी इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। मामला सवर्ण आयोग तक पहुंचा, जहां मतभेद सामने आए। ऐसे में उप मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

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