गोवा नाइट क्लब में खुलासा: 25 की मौत, मालिक भागे, इंटरपोल तलाश तेज

Madhya Bharat Desk
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मुंबई. गोवा के लोकप्रिय तटीय कस्बे अर्पोरा में स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में शनिवार देर रात लगी भीषण आग से जहां देशभर में शोक और गुस्से की लहर है, वहीं इस हादसे से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला खुलासा सोमवार को सामने आया—कि क्लब के मालिक और मुख्य आरोपी दिल्ली के कारोबारी सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा घटना के कुछ ही घंटों बाद देश से भाग गए। पुलिस के अनुसार, दोनों भाई 7 दिसंबर की सुबह 5:30 बजे दिल्ली से फुकेत (थाईलैंड) के लिए उड़ान 6E 1073 में सवार हुए, जबकि गोवा पुलिस को आग की सूचना उसी रात 12:04 बजे मिली थी। यह समय-सीमा न सिर्फ घटनाक्रम को संदिग्ध बनाती है, बल्कि पुलिस जांच से बचने की मंशा को भी उजागर करती है।

गोवा पुलिस की एक टीम सोमवार को दिल्ली में उनके घर पहुंची, लेकिन दोनों वहां मौजूद नहीं मिले। उनके घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया है और उनके खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर को इंटरपोल स्तर तक बढ़ा दिया गया है। पुलिस उपाधीक्षक निलेश राणे ने कहा कि CBI के इंटरपोल डिविजन से संपर्क कर दोनों आरोपी भाइयों को जल्द से जल्द हिरासत में लेने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्च अभियान शुरू कर दिया गया है। सोमवार शाम तक पुलिस ने क्लब के एक कर्मचारी भरत कोहली को दिल्ली से हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड पर गोवा भेज दिया।

इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या 25 है—जिनमें 20 नाइटक्लब कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल हैं। मृतकों में दिल्ली की तीन बहनों—अनीता, कमला और सरोज जोशी—और एक अन्य की भी दर्दनाक मृत्यु हुई। सोमवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर कई शवों का अंतिम संस्कार किया गया। गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में अभी भी कई घायलों का इलाज जारी है।

हादसे की वजह को लेकर शुरुआती अनुमान है कि आग संभवतः किचन क्षेत्र में लगे गैस सिलेंडर के विस्फोट से फैली, मगर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने चार सदस्यीय मजिस्ट्रियल जांच समिति गठित कर दी है, जो आग लगने के कारण, सुरक्षा प्रोटोकॉल की स्थिति और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। आग लगने के समय क्लब reportedly भीड़ से भरा हुआ था और कई प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि आपातकालीन निकास मार्ग या तो अवरुद्ध थे या अपर्याप्त।

उधर, देश छोड़ने के कुछ ही घंटों बाद सौरभ लूथरा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इस घटना को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। हालांकि, जनता और पीड़ित परिवारों ने इसे ‘घटिया दिखावा’ करार देते हुए कहा है कि यदि वे वास्तव में सहयोग करना चाहते थे, तो देश से इस तरह भागने के बजाय पुलिस जांच में शामिल होते।

गोवा पुलिस ने राज्य भर में सख़्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ‘रोमियो लेन’ चेन के गोवा स्थित दो अन्य प्रतिष्ठानों—वगतोर और असगांव—को सील कर दिया गया है। राज्य की भाजपा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी होटलों और क्लबों की सुरक्षा मानकों का पुनः मूल्यांकन किया जाएगा। प्रारंभिक जांच में मिले संकेतों के अनुसार, क्लब में कई सुरक्षा कमियां थीं, जैसे—फायर सेफ्टी उपकरणों का न होना, इमरजेंसी एग्ज़िट का साफ न होना और क्षमता से अधिक भीड़ का प्रवेश।

इस बीच पीड़ित परिवारों में आक्रोश गहराता जा रहा है। उनका कहना है कि यह घटना लापरवाही नहीं, बल्कि खुलेआम की गई आपराधिक उपेक्षा है, जिसे “दुर्घटना” कहकर नहीं टाला जा सकता। दिल्ली के निगम बोध घाट पर क्रिया-कर्म के दौरान कई परिजनों ने रोते हुए कहा कि यदि सुरक्षा इंतजाम ठीक होते, तो उनके प्रियजन आज ज़िंदा होते। दिल्ली पुलिस और गोवा पुलिस की संयुक्त टीमों ने हवाईअड्डा रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और क्लब के कर्मचारियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

राष्ट्रीय स्तर पर यह घटना उस बहस को भी फिर से जगा रही है कि भारत के बड़े शहरों और पर्यटन स्थलों में संचालित होने वाले नाइटक्लब कितनी सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। बीते वर्षों में मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और गुजरात में भी ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं, जहां नियामक एजेंसियों और क्लब संचालकों की लापरवाही का गंभीर परिणाम लोगों की जान के रूप में सामने आया। कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना पर्यटन उद्योग की सुरक्षा संस्कृति पर सख्त सवाल उठाती है और यदि मजबूत ढांचा नहीं बनाया गया, तो ऐसी त्रासदियाँ बार-बार होती रहेंगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपी दोनों भाइयों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन शुरू होने के बाद अब मामला और गंभीर हो गया है। इंटरपोल की मदद का मतलब है कि लूथरा बंधुओं को कहीं भी आसानी से आश्रय नहीं मिल सकेगा। परिजनों और नागरिकों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही दोनों को भारत वापस लाकर इस भीषण घटना के लिए जवाबदेह बनाएगी। सरकार और प्रशासन पर अब यह दबाव बढ़ रहा है कि वे सख्त कार्रवाई करते हुए देशभर में क्लब और रेस्टोरेंट सुरक्षा मानकों पर व्यापक जांच अभियान चलाएँ।

फुकेत रवाना होने वाले टिकटों का समय, आधी रात घटना के तुरंत बाद विदेश भाग जाना, और सोशल मीडिया पर दुख प्रकट करना—इन सबने इस मामले को और संवेदनशील बना दिया है। देशव्यापी आक्रोश के बीच अब निगाहें मजिस्ट्रियल जांच और इंटरपोल स्तर पर जारी अनुकरण पर टिक गई हैं, जो आने वाले दिनों में इस केस की दिशा तय करेगा।

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