रायपुर में NIT चौपाटी हटाए जाने के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब एक बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। सोमवार को युवा कांग्रेस ने भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर अपना आक्रोश जताया। इस मामले में सरस्वती नगर थाना पुलिस ने युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद उर्फ भक्कू कश्यप और कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
26 नवंबर को शहर में नालंदा परिसर विकास से जुड़े पोस्टर लगाए गए थे, जिन पर मूणत की तस्वीर भी थी। युवा कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जल्दबाज़ी में NIT चौपाटी को हटाकर नालंदा-2 बनाने में जुटी है, जबकि दुकानदारों से लेकर आम लोगों तक को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। इसी विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने पोस्टर पर कालिख पोती।
किसने की शिकायत?
डूमरतालाब मोहबा बाजार निवासी दिनेश तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई कि यूनिवर्सिटी गेट के पास लगाए गए पोस्टर को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने इसे छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण एक्ट के तहत संपत्ति को नुकसान और शांति भंग करने की श्रेणी में रखा है।
चौपाटी का विवाद क्यों बढ़ रहा है?
10 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई NIT चौपाटी को नई सरकार ने हटाने का फैसला लिया और दुकानों को आमानाका शिफ्ट किया गया। इसके बाद विपक्ष ने आरोप लगाया कि पहले उसी चौपाटी को अधिकारी ही अनुमति देते थे, और अब राजनीतिक दबाव में उसे अवैध बताकर तोड़ा जा रहा है।
इसी बीच रेलवे ने भी जमीन पर दावा करते हुए 32 दुकानदारों को नोटिस भेज दिया, जिससे विवाद और उलझ गया है।
विपक्ष की चार बड़ी मांगें
- चौपाटी विवाद की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति बने।
- संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- निर्णय में राजनीतिक दबाव की भूमिका की जांच हो।
- भविष्य की कार्रवाई के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति जारी की जाए।
अगले कदम की चेतावनी
कांग्रेस ने 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो वे मुख्यमंत्री आवास का लोकतांत्रिक घेराव करेंगे।



