मध्यप्रदेश उज्जैन पुलिस ने अपने विभाग में एक नई और सराहनीय व्यवस्था शुरू की है। अब किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अच्छा काम किए जाने पर उसे तुरंत ही मौके पर सम्मानित किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत एसपी स्वयं थानों में जाकर पुलिसकर्मियों को नकद इनाम और प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान कर रहे हैं। यह पहल मध्यप्रदेश पुलिस में पहली बार की जा रही है।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें बेहतर काम के लिए प्रेरित करना है। पहले पुरस्कार मिलने की प्रक्रिया काफी लंबी होती थी। नोटशीट बनती थी, फाइल आगे बढ़ती थी और कई बार फाइलों में देरी के कारण पुलिसकर्मी पुरस्कार से वंचित भी रह जाते थे। अब यह समस्या खत्म हो गई है, क्योंकि एसपी ने “इनाम आदेश बुक” तैयार करवाई है, जिसमें मौके पर ही नाम दर्ज कर सम्मान दिया जा सकता है।
इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह है कि जिसने जिस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है, उसकी उसी श्रेणी में पहचान भी तय होगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी पुलिसकर्मी ने साइबर ठगी के मामले में उत्कृष्ट कार्य किया है तो उसे ‘साइबर एक्सपर्ट’ की कैटेगरी में रखा जाएगा। भविष्य में ऐसे मामलों में उसकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जा सकेगा।
दो दिनों के भीतर ही पांच पुलिसकर्मियों को ऑन-द-स्पॉट अवॉर्ड देकर सम्मानित किया जा चुका है। एसपी प्रदीप शर्मा का कहना है कि अच्छा काम करने वाले जवानों को तुरंत पुरस्कार देना आवश्यक है, ताकि उन्हें लगे कि विभाग उनके प्रयासों को पहचानता है। इससे एक सकारात्मक माहौल बनता है और पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है।



