मुम्बई भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सोमवार दोपहर उन्होंने अपने घर पर अंतिम सांस ली। धर्मेंद्र का निधन सिर्फ एक अभिनेता के जाने की खबर नहीं, बल्कि हिंदी फिल्म जगत के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत का संकेत है। उनकी सहज अभिनय शैली, विनम्र व्यक्तित्व और अडिग लोकप्रियता ने उन्हें हर पीढ़ी का प्रिय कलाकार बनाया।
धर्मेंद्र के निधन के बाद दोपहर करीब एक बजे उनके घर के बाहर एम्बुलेंस पहुंची। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बैरिकेडिंग और सिक्योरिटी बढ़ाई गई। लगभग 1 बजकर 10 मिनट पर IANS ने उनके निधन की पुष्टि की जानकारी दी, जिसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई।
विले पार्ले श्मशान घाट पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी, जहां फिल्म उद्योग के कई दिग्गज अभिनेता और सेलिब्रिटी अंतिम विदाई देने पहुंचे। अमिताभ बच्चन, सलमान खान, संजय दत्त, आमिर खान समेत कई बड़े चेहरे श्मशान घाट पहुंचे। हर किसी की आंखों में अपने प्रिय को खोने का दर्द साफ दिख रहा था।
दोपहर करीब 3 बजे धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया। इसके साथ ही एक ऐसा सफर समाप्त हुआ जिसने दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया। बताया गया कि पिछले कुछ समय से वे उम्र-संबंधी समस्याओं और सांस लेने में दिक्कत से जूझ रहे थे। 10 नवंबर को उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वेंटिलेटर पर रखा गया। हालांकि 12 नवंबर को हालत स्थिर होने पर उन्हें घर भेज दिया गया था, जहां डॉक्टरों ने आगे का इलाज जारी रखने की बात कही थी।
धर्मेंद्र के निधन से सिनेमा जगत में शून्य-सा फैल गया है। उनका योगदान, उनकी सरलता और उनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा।



