राजधानी रायपुर में ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने खुद को MSMEPCI (Micro Small Medium Enterprises Promotion Council of India) का चेयरमैन बताकर दो युवकों से 35 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने सरकारी पदों पर नियुक्ति का झांसा देकर रकम ऐंठी और झूठे जॉइनिंग लेटर तक थमाए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विजय कुमार चौरसिया ने खुद को MSMEPCI का चेयरमैन बताते हुए दावा किया कि उसकी संस्था केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है और देशभर में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कर रही है। उसने छत्तीसगढ़ में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पद पर युवकों की नियुक्ति करने का प्रस्ताव दिया और बदले में लाखों रुपए की मांग की।
पीड़ित अनिल श्रीवास्तव और रोशन श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी ने दोनों से क्रमशः ₹15 लाख और ₹20 लाख की मांग की। साथ ही हर माह ₹1 लाख वेतन, सरकारी आवास और बंगले का लालच भी दिया। 6 अप्रैल 2023 को रायपुर के अभनपुर स्थित एक होटल के बाहर आरोपी ने दोनों से ₹2-2 लाख नकद लिए और बाद में किस्तों में कुल ₹35 लाख रुपए वसूले।
आरोपी ने न केवल फर्जी जॉइनिंग लेटर जारी किया बल्कि आईडी कार्ड और ऑफर लेटर भी सौंपे। हालांकि, कुछ महीनों बाद जब वेतन और नियुक्ति से जुड़ी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तब युवकों को ठगी का एहसास हुआ। जब उन्होंने रकम लौटाने की मांग की, तो चौरसिया ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि “जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे।”
इसके बाद पीड़ितों ने अभनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी की भूमिका और पैसे के ट्रांजैक्शन से जुड़े सभी दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह ठगी सुनियोजित तरीके से की गई थी और आरोपी ने सरकारी संस्था के नाम का दुरुपयोग कर युवाओं के साथ छल किया। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने अन्य राज्यों में भी ऐसे कई लोगों को नौकरी का झांसा देकर रकम ऐंठी है।



