छत्तीसगढ़ में महिलाओं से जुड़ा एक बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया है। बताया जा रहा है कि फ्लोरोमैक्स नाम की एक कंपनी ने कोरबा और जांजगीर-चांपा जिलों की लगभग 40,000 आदिवासी महिलाओं से करीब 120 करोड़ रुपए की ठगी की है।
कंपनी ने महिलाओं को विश्वास में लेते हुए बैंकों से उनके नाम पर लोन दिलवाया और फिर उन पैसों को अपनी कंपनी में निवेश करा दिया। महिलाओं को यह भरोसा दिलाया गया कि किस्तें कंपनी खुद बैंक में जमा करेगी, लेकिन बाद में कंपनी ने किसी भी बैंक में पैसा जमा नहीं किया और अचानक कार्यालय बंद कर गायब हो गई।
धोखाधड़ी से परेशान महिलाओं ने कई बार प्रदर्शन भी किए। इस पूरे मामले की शिकायत पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) से की। शिकायत पर आयोग ने छत्तीसगढ़ सरकार से 30 दिनों के भीतर डिटेल रिपोर्ट मांगी है।
अब यह मामला सेंट्रल एजेंसी के पास चला गया है, जो हाई लेवल जांच करेगी। माना जा रहा है कि यह राज्य में महिलाओं के नाम पर हुआ सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला है।
इस बीच, कोरबा और जांजगीर की महिलाओं ने कृषि मंत्री राम विचार नेताम और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन का काफिला रोककर अपना विरोध जताया। इस दौरान माहौल गर्माता दिखा। नेताम ने महिलाओं से कहा कि “सड़क जाम या नेतागिरी करने से काम नहीं बनेगा,” जबकि लखनलाल देवांगन ने चेतावनी दी कि “अगर ज़्यादा हेकड़ी दिखाओगी तो पुलिस से हटवा देंगे।”
इस बयान ने महिलाओं और विपक्ष के बीच आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि हाई लेवल जांच से इस पूरे घोटाले की सच्चाई कब सामने आती है।



