चंडीगढ़ में चार साल पुराने रेल रोको आंदोलन के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता शशि शंकर तिवारी और उनके चार साथियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। जिला अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। यह मामला 3 सितंबर 2021 का है, जब शशि शंकर तिवारी कांग्रेस में हुआ करते थे और रेल रोको आंदोलन के तहत शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन को करीब 10 मिनट तक रोका गया था।
जानकारी के मुताबिक, उस वक्त तिवारी ने चंडीगढ़ और बलटाना के बीच रेलवे ट्रैक पर अंडर ब्रिज निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने और उनके साथियों ने लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोक दिया, जिससे रेलवे संचालन बाधित हुआ। इस घटना की जांच के बाद चंडीगढ़ रेलवे आरपीएफ थाना ने चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों ने अदालत में अपना दोष स्वीकार कर लिया। अदालत ने माना कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन किया, जिससे ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ।



