भोजपुर जिले की बड़हरा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व जदयू नेता विश्वनाथ सिंह का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। शनिवार को नाराज उम्मीदवार अनुमंडल कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक शांतिपूर्ण धरना देने के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर नवादा थाना भेज दिया।
धरने के दौरान विश्वनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि उनका नामांकन राजनीतिक दबाव में रद्द किया गया है और इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने कहा कि उनका सारा कागजात पूरी तरह सही था, फिर भी प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से निष्पक्ष जांच की मांग भी की।
विश्वनाथ सिंह ने बताया कि वे सुबह से निर्वाचन कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन शाम तीन बजे के बाद उन्हें सूचित किया गया कि उनका नामांकन रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से नाराज होकर उन्होंने आमरण अनशन शुरू किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। इस दौरान उनके समर्थक बड़ी संख्या में अनुमंडल कार्यालय पहुंचे।



