लंदन के टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर की गई तोड़फोड़ की घटना ने पूरे भारत को आहत किया है। भारतीय उच्चायोग ने इस शर्मनाक कृत्य को अहिंसा के मूल्यों पर हमला बताया है।
यह घटना अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस से केवल तीन दिन पहले हुई है। उच्चायोग ने लंदन प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई करने और प्रतिमा को फिर से उसकी गरिमा के साथ स्थापित करने की मांग की है।
भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि “गांधी जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना केवल मूर्ति पर हमला नहीं, बल्कि उनके अहिंसा के संदेश और विचारधारा पर सीधा प्रहार है।”
उच्चायोग की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिमा को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भारत ने जताई गंभीर चिंता
भारत सरकार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उच्चायोग ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम के साथ मजबूत होते रिश्तों के बीच इस तरह की घटना बेहद निंदनीय है।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
इससे पहले मार्च 2025 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यात्रा के दौरान भी लंदन में खालिस्तानी समर्थकों ने प्रदर्शन किया था। उस समय भारत ने इसे लोकतांत्रिक स्वतंत्रता का दुरुपयोग करार देते हुए मेजबान देश से जिम्मेदारी निभाने की अपील की थी।



