छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर ईडी (Enforcement Directorate) की कार्रवाई ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता हेमंत चंद्राकर ने ईडी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनसे पूछताछ के दौरान मारपीट की गई और भूपेश बघेल का नाम लेने के लिए दबाव बनाया गया।
सूत्रों के अनुसार, 29 सितंबर को हेमंत चंद्राकर को रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। यह पूछताछ करीब रात साढ़े आठ बजे तक चली। चंद्राकर का आरोप है कि पूछताछ के दौरान जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम लेने से इनकार किया, तब ईडी अधिकारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
उन्होंने पुलिस थाने में पहुंचकर रोते हुए शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान बीज और खाद की सप्लाई में काम किया था और उसके सभी दस्तावेज ईडी को सौंप दिए हैं। बावजूद इसके उनसे बार-बार गलत बयान देने का दबाव बनाया गया।
कांग्रेस नेता ने सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दी है, जिसमें ईडी के अफसरों पर हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मच गई है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर वीडियो जारी कर ईडी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के संरक्षण में ईडी अब पूरी तरह से गुंडागर्दी पर उतर आई है। बघेल ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि एजेंसी अब राजनीतिक प्रतिशोध का औजार बन चुकी है।
दूसरी ओर, ईडी अधिकारियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हैं और कांग्रेस पार्टी इसे केंद्र की “तानाशाही प्रवृत्ति” बता रही है।



