नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले (NAN Scam) मामले में उच्चतम न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और वरिष्ठ अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया है। इससे पहले बिलासपुर उच्च न्यायालय ने दोनों अधिकारियों को अग्रिम जमानत प्रदान की थी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश को निरस्त कर दिया है।

नान घोटाला, जिसे छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन से जुड़े सबसे बड़े घोटालों में गिना जाता है, लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। इस घोटाले में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। मामले की जांच एजेंसियों द्वारा लगातार की जा रही है और अब सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद जांच की रफ्तार तेज होने की संभावना है।
इस फैसले के बाद अनिल टुटेजा और डॉ. आलोक शुक्ला को जांच एजेंसियों का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक हलकों और राजनीतिक गलियारों में बड़ा असर डाल सकता है।



