भारतीय महिला क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में वापसी करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच में मिली हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर की टीम पर दबाव है कि वह दूसरे वनडे में खेल के हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करे। खासकर फील्डिंग पर ध्यान देना होगा, क्योंकि पिछले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने चार आसान कैच टपकाए थे, जिसका फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य हासिल कर लिया।
बल्लेबाजी में हालांकि भारत ने दमदार प्रदर्शन किया था। स्मृति मंधाना, हरलीन देयोल और प्रतीका रावल के अर्धशतकों ने टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। लेकिन गेंदबाजी और फील्डिंग की कमजोरियों ने भारत की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। आने वाले महिला वनडे विश्व कप की तैयारी में जुटी भारतीय टीम को अब हर विभाग में संतुलन दिखाना होगा।
दूसरी ओर, एलिसा हीली की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम लगातार लय में है और उसने खुद को विश्व कप की प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित कर लिया है। उसके बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ही शानदार फॉर्म में हैं। भारत के लिए स्पिन आक्रमण बड़ी उम्मीद है, लेकिन पहले वनडे में केवल स्नेह राणा को सफलता मिली, जबकि दीप्ति शर्मा, श्री चरणी और राधा यादव विकेट से खाली हाथ लौटीं।
सीरीज का अगला मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के लिए “करो या मरो” जैसा होगा।
दोनों टीमें:
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), उमा छेत्री, हरलीन देयोल, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, स्नेह राणा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, जेमिमा रोड्रिग्स, सयाली सतघरे, दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव।
ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान और विकेटकीपर), ताहलिया मैकग्रा, डार्सी ब्राउन, निकोल फाल्टम, एशले गार्डनर, किम गर्थ, ग्रेस हैरिस, अलाना किंग, चार्ली नॉट, फोबे लिचफील्ड, सोफी मोलिनक्स, बेथ मूनी, एलिस पेरी, मेगन शूट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम।



