छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते सड़क हादसे और सड़कों की जर्जर हालत को देखते हुए हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने एनएचआई और पीडब्ल्यूडी के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सुधार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ज़मीन पर दिखना आवश्यक है।
राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर नेशनल हाइवे और शहर की मुख्य सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और ब्लैक स्पॉट्स बने हुए हैं। इनकी वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं और लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। बारिश ने एक बार फिर सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गड्ढों और खराब मरम्मत के चलते हादसों की संख्या में इज़ाफा हुआ है।
प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में लोग सड़कों की बदहाल और जर्जर स्थिति से परेशान हैं। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सड़कों की स्थिति सुधारने में केवल दिखावा नहीं होना चाहिए, बल्कि वास्तविक काम जनता को सड़कों पर दिखना चाहिए। यह टिप्पणी एक बार फिर सरकार और संबंधित विभागों को चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।







