रायपुर शहर में पुलिस ने एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क चॉकलेट और गुटखे की पाउच के जरिए ड्रग्स सप्लाई कर रहा था। जांच में सामने आया कि पिछले ढाई सालों में इस गिरोह ने करीब दो करोड़ रुपये की ड्रग्स की बिक्री की है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस रैकेट से एक CA की पढ़ाई कर रही छात्रा भी जुड़ी हुई पाई गई।
पुलिस को सूचना मिलने के बाद टीम ने छापा मारकर हेरोइन के पैकेट जब्त किए और आरोपी छात्रा को गिरफ्तार कर लिया। गिरोह का तरीका बेहद चालाक था—वे आम चॉकलेट और गुटखे के पाउच में ड्रग्स पैक करते थे, ताकि किसी को शक न हो। डिलीवरी के लिए वीडियो कॉल और लोकेशन का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे लेन-देन गुप्त रहे।
इस मामले ने राजधानी में हड़कंप मचा दिया है क्योंकि इसमें पढ़े-लिखे युवाओं की संलिप्तता भी उजागर हुई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क का मुख्य सरगना कौन है और इसके तार कहां-कहां जुड़े हैं।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है बल्कि समाज के सामने यह सवाल भी खड़ा करती है कि पढ़ाई के साथ-साथ युवा नशे की ओर क्यों बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रग्स की बढ़ती खपत को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और सख्त कार्रवाई दोनों बेहद जरूरी हैं।



