नई दिल्ली।कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जनता से जुड़ाव एक बार फिर चर्चा में है। अपने घर के बाहर तिरंगा लिए खड़े एक बुजुर्ग कार्यकर्ता को देखकर उन्होंने तुरंत गाड़ी रुकवाई और उनसे मुलाकात कर पूरी बात सुनी। इस घटना ने कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ा दिया।

सासाराम से यात्रा की शुरुआत
17 अगस्त 2025 को राहुल गांधी ने बिहार के सासाराम से अपनी 16-दिवसीय “वोट अधिकार यात्रा” की शुरुआत की। यह यात्रा राज्य की मतदाता सूची (विशेष गहन पुनरीक्षण — SIR) में कथित अनियमितताओं और “वोट चोरी” के आरोपों के खिलाफ निकाली जा रही है। राहुल गांधी का कहना है कि यह यात्रा जनता के वोट की रक्षा के लिए है।
बुजुर्ग कार्यकर्ता और पुराने नेताओं का समर्थन
कांग्रेस के बुजुर्ग कार्यकर्ता राहुल गांधी की इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित दिखाई दे रहे हैं। कई वरिष्ठ नेता और पुराने कार्यकर्ता भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन कांग्रेस की मजबूती और जनता की आवाज़ दोनों के लिए अहम है।
जनता से सीधा संवाद
राहुल गांधी का यह कदम यह साबित करता है कि वे सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद पर भरोसा करते हैं। बुजुर्ग कार्यकर्ता से तिरंगे संग मुलाकात और यात्रा की शुरुआत दोनों ही इस बात का संदेश हैं कि कांग्रेस जनता के वोट और अधिकार की रक्षा के लिए संघर्षरत है।







