भारत और चीन के संबंधों में 2020 के गलवान संघर्ष के बाद से तनाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा न केवल कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग की दिशा में एक बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। यह दौरा शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए हो रहा है।
मुख्य विवरण:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर 2025 के पहले सप्ताह में चीन के किंगदाओ शहर में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं। यह सम्मेलन इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसमें भारत सहित सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। चीन इस बार SCO की अध्यक्षता कर रहा है और इस बैठक की मेज़बानी कर रहा है।
यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ यह भारत-चीन के बीच 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद पहला उच्चस्तरीय दौरा होगा, वहीं दूसरी ओर यह भारत के लिए क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी भूमिका को मजबूत करने का एक अवसर भी है।







